आंध्र प्रदेश में उर्दू को दूसरी आधिकारिक भाषा का दर्जा, सीएम ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताया

 आंध्र प्रदेश उपमुख्यमंत्री अमजथ बाशा (Amzath Basha) ने कहा कि उर्दू को दूसरी आधिकारिक भाषा का दर्जा देने का फैसला अल्पसंख्यकों के कल्याण और विकास के उद्देश्य से किया गया है.





विजयवाड़ा. आंध्र प्रदेश में उर्दू को दूसरी आधिकारिक भाषा का दर्जादिया गया है. सरकार का दावा है कि इससे राज्य के अल्पसंख्यकों को फायदा मिलेगा. उप-मुख्यमंत्री अमजथ बाशा (Amzath Basha) ने कहा कि उर्दू को दूसरी आधिकारिक भाषा का दर्जा देने का फैसला अल्पसंख्यकों के कल्याण और विकास के उद्देश्य को ध्यान में रखकर किया गया है. विधानसभा के वर्तमान बजट सत्र में राजभाषा (संशोधन) विधेयक, 2022 को पारित किया गया. डिप्टी सीएम बाशा ने पर्यटन मंत्री मुत्तमसेट्टी श्रीनिवास की ओर से इस बिल को पेश किया और कहा कि इसका उद्देश्य सभी जिलों में उर्दू को दूसरी आधिकारिक भाषा बनाना है. उन्होंने उर्दू भाषा की क्षमता को पहचानने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया.


इसके साथ ही आंध्र प्रदेश की विधानसभा ने बुधवार को अपनी तरह का पहला कानून 'आंध्र प्रदेश अल्पसंख्यक घटक (परिव्यय, आवंटन और वित्तीय संसाधनों का उपयोग) विधेयक, 2022' भी पारित किया. उप-मुख्यमंत्री अमजथ बाशा ने कहा कि ये कानून अल्पसंख्यकों के कल्याण और विकास के उद्देश्य से लाया गया है. इस कानून के लागू होने के बाद राज्य सरकार एक अधिसूचना के माध्यम से मुख्यमंत्री के अधीन एक परिषद का गठन करेगी. इसे अल्पसंख्यकों के विकास के लिए राज्य परिषद के रूप में जाना जाएगा. जो इसे दी गई शक्तियों का प्रयोग कर सकती है और अधिनियम के तहत इसे सौंपे गए कार्यों को कर सकती है.डिप्टी सीएम बाशा ने कहा कि विधेयक का उद्देश्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और सामाजिक स्थिति सुनिश्चित करना और उनका विकास सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों के लिए इस तरह के कानून को लागू करने वाला आंध्र प्रदेश देश का पहला राज्य है. इस विधेयक का उद्देश्य अगले दस वर्षों में अल्पसंख्यक आबादी के लिए समानता हासिल करने पर जोर देते हुए उनका तेज विकास सुनिश्चित करना है. यह उनकी सुरक्षा और सामाजिक गरिमा सुनिश्चित करने के साथ-साथ आर्थिक, शैक्षिक और मानव विकास पर ध्यान केंद्रित करेगा.


डिप्टी सीएम बाशा ने कहा कि नया कानून आंध्र प्रदेश की सभी योजनाओं के कुल खर्च में से राज्य में अल्पसंख्यकों की आबादी के अनुपात में उनके लिए धन का एक हिस्सा निर्धारित करके अल्पसंख्यक आबादी के बीच समानता को बढ़ावा देगा. बाशा ने कहा कि सरकार राज्य में अल्पसंख्यकों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है. अल्पसंख्यकों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक विकास को सुनिश्चित करने और अल्पसंख्यक समुदाय को राज्य के विकास का हिस्सा बनाने के लिए सरकार ने मुसलमानों के बीच सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों को 4 प्रतिशत आरक्षण देकर प्रभावी कदम उठाए हैं.

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